बिहार में जाति जनगणना के आंकड़े सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही इस पर सियासत का दौर भी शुरू हो चुका है। वहीं, इन आंकड़ों के सियासी नफा-नुकसान पर भी खूब चर्चा हो रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इन आंकड़ों का फायदा सबसे ज्यादा बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को होने जा रहा है। इसके मुताबिक इन आंकड़ों के दम पर नीतीश कुमार की मोलभाव की ताकत बढ़ेगी। खासतौर पर 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़े सत्ता का रास्ता तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इतना ही नहीं, इसके दम पर नीतीश कुमार सत्ता में कायम रहने के लिए भविष्य में एक बार फिर भाजपा के साथ जाने की संभावनाएं तलाश सकते हैं।